वो

Published by Alok Mishra

Young Poet Alok Mishra at 18 years of age is pursuing his undergraduate degree in political science from Kanpur University.

August 14, 2020

क्षितिज के पार बैठ जाता है

वो
अपने सपने,
सपनों में सजाता है,

दिन भर गुजार लेता है शांत रहे

शाम होते ही
धुन में शोर गुनगुनाता है,

सूरज की ढलती लालिमा को
अंदर उतार लेता है

अपने मन के अंधेरे को वो
………… कुछ इस तरह सँवार लेता है

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नारी

मुझे मेरी उङान ढूँढने दो।
खोई हुई पहचान ढूँढने दो।

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