प्रेम

Published by Rudra

August 14, 2020

समर्पण, त्याग
करुणा, स्वतन्त्रता
अनुराग……
ह्र्दय की ये सभी भावनायें
जिस किसी भी व्यक्ति के प्रति
हम समर्पित कर दे,,,,,
यही प्रेम है……

प्रेम करना कर्तव्य है,,,
प्रेम पाना नियति…….

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मुझे मेरी उङान ढूँढने दो।
खोई हुई पहचान ढूँढने दो।

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