क्या लिखूँ आज

Published by Harsh Kohli

Harsh Kohli is a software engineer by profession and writer/poet by passion. He divides his time between Pune and San Francisco. Harsh holds a special place in his heart for people who can express themselves through written words.

August 14, 2020

लिखूँ तो किस ज़माने की बात लिखूँ आज?
जो बीत गया वो, या वो जो गुज़रता ही नहीं

अपना आज लिखूँ, या परसों का परायापन
या पराया कल जो, अपना सा लगता ही नहीं

लिख जाऊँ क्या किस्सा, वो दौर-ए-फ़ज़्ल का
या लिख दूँ वो वक्त, कभी जो सँवरता ही नहीं

बख़्श-ए-फ़ज़ा लिख दूँ, या बीती सज़ा कोई
या लिखूँ लम्हे-अज़ा, जो दर-गुज़रता ही नहीं

दिल में आती हर एक बात को लिख डालूँ या
इंतज़ार करुँ ख़याल, जो ज़ेहन उतरता ही नहीं

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