काल्पनिक प्रेम

Published by Rudra

August 14, 2020

मैं लिखता हूँ प्रेम
काल्पनिक प्रेम

जिसे ना मैंने कभी पाया
ना कभी अनुभव किया
ना कभी देखा
ना कभी जिया
सिर्फ़ लिखा औऱ लिखता गया

सिर्फ़ एक कल्पना है, मेरा प्रेम
काल्पनिक प्रेम

Recently Published:


जो राह-ए-मुहब्बत न नज़र आई ज़रा और
छाई दिल-ए-माायूस पे तन्हाई ज़रा और

read more

Writer’s Block

Despite being a constant juggler of different roles that I play in my day-to-day life, the only thing I can really identify myself with is, being a writer.

read more


%d bloggers like this: