उदासी

Published by Himanshu Rai

August 14, 2020

यहाँ से जाने से पूर्व
एक बार
भिक्षापात्र लेकर
हर चौखट पर जाऊँगा
सबसे, उनकी उदासियां मांगने..

चाहता हूं

मेरी कविताओं के अतिरिक्त
संसार में
कुछ भी उदास न हो……………..

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नारी

मुझे मेरी उङान ढूँढने दो।
खोई हुई पहचान ढूँढने दो।

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